Thursday, September 8, 2016

“इंटरकनेक्ट बैडविड्थ” के लिए अदालत जायेगा। जियो


(By-Akhilesh Kushwah)
देश का शायद यह पहला मामला होगा जब दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी तमाम छोटी- बड़ी कम्पनियों ने रिलायंस जयो को अतिरिक्त इंटरकनेक्ट  बैडविड्थ देने से मना कर दिया। दूरसंचार कम्पनियों का यह कदम दूरसंचार लाइंसेस के प्रावधान के खिलाफ है जिसमें इंटरकनेक्ट पॉइट देना कानूनी तौर पर अनिवार्य है आपको पता हो कि रिलायंस जियो ने देश में मोबाइल सेवा शुरू करने के पहले ही देश भर में फ्री वॉयस कॉल पर कोई शुल्क नहीं लेने का ऐलान कर दिया था
         मुकेश अंबानी की  कम्पनी रिलायंस जियो को दूरसंचार विभाग की तरफ से भेजे गये खत में कहा कि ट्राई अधिनियम 1997 की धारा 11(1) बी के मुताबिक विभिन्न सेवा प्रदाताओं के बीच इंटरकनेक्टिविटी से संबंधित मामला ट्राई के अधिकार क्षेत्र में आता हैं दूरसंचार विभाग ने कहा की इंटरकनेक्टिविटी विवाद का समाधान संबंधित पक्षों की सहमति से किया जायेंगा।