Monday, March 7, 2016

"हुआ सवेरा"

हुआ सवेरा।जाग रे!पंछी,

बड़ी दूर तूझे है जाना।

आँख खोल देख रे!पंछी

मंजिल हैं तूझको पाना।

         दूर खड़ी मंजिल है पंछी,

         देख रही है रस्ता तेरा।

         रस्ता क्या खोजे रे?पंछी,

         नील गगन है रस्ता तेरा।

पंख फैला उड़ जा रे।पंछी

मंजिल को है पाना।

हुआ सवेरा। जाग रे!पछी

बड़ी दूर तुझे है जाना।

                      #मुसाफिर

 

 

 

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